कच्चे तेल की वैश्विक कीमत के घटते हुए 55 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चले जाने के कारण तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों की ही कीमत में प्रति लीटर दो रूपये की कटौती कर आम आदमी को नववर्ष का तोहफा दिया है। इस कटौती में हालांकि स्थानीय कर के प्रभाव को शामिल नहीं किया गया है।
स्थानीय करों के प्रभाव को शामिल करने के बाद गुरूवार से प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत दिल्ली में 61.33 रूपये, मुंबई में 68.86 रूपये, कोलकाता में 68.65 रूपये और चेन्नई में 63.94 रूपये हो गई। इसी तरह से प्रति लीटर डीजल की नई कीमत दिल्ली में 50.51 रूपये, मुंबई में 57.91 रूपये, कोलकाता में 55 रूपये और चेन्नई में 53.78 रूपये हो गई। इससे पहले 15 दिसंबर को पेट्रोल और डीजल मूल्य में प्रति लीटर दो रूपये की कटौती की गई थी। उससे भी पहले एक दिसंबर को क्रमश: 91 पैसे और 84 पैसे की गई थी। गुरूवार सुबह ही बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमत भी दिल्ली में 43.50 रूपये घटा दी गई है। अब 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की नई बाजार कीमत दिल्ली में 708.50 रूपये, मुंबई में 725.50 रूपये, कोलकाता में 746 रूपये और चेन्नई में 705 रूपये हो गई है।
पेट्रोल,डीजल पर एक्साइज फिर बढाई...
मोदी सरकार की बल्ले-बल्ले हो रही है तभी तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की घटती कीमतों का फायदा उठाते हुए सरकार ने गुरूवार को पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी एक बार फिर बढा दी। बुधवार को क्रूड ऑयल की कीमतें घटने के बाद पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 2 रूपये प्रति लीटर बढा दी गई। सरकार ने पिछले ढाई महीने में एक्साइज ड्यूटी तीसरी बार बढाई है। एक्साइज ड्यूटी न बढती तो पेट्रोल 5.75 रूपये और डीजल 4.50 रूपये और सस्ता होता । अब यह पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तौर पर सरकारी खजाने में जाएगा।
इससे पहले सरकार ने नवंबर में पेट्रोल और डीजल पर 1.50 रूपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी। इसके बाद दिसंबर में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 2.25 रूपये प्रति लीटर और डीजल पर एक रूपया प्रति लीटर बढाई गई थी। एक्साइज ड्यूटी बढाने सेे मौजूदा वित्त वर्ष में ही सरकार को करीब 13000 करोड रूपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। इससे सरकार को राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.1 पसेंüट पर रखने का टारगेट पूरा करने में मदद मिलेगी।
सरकार कीमतें बढ़ाए बगैर पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी इसलिए बढा सकी क्योंकि इन दोनों ट्रांसपोर्ट फ्यूल को मार्केट रेट से ज्यादा दाम पर देश में बेचा जा रहा था जबकि एक दिसंबर को फैसला किया गया था कि पेट्रोल के पम्प प्राइस में 91 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 48 पैसे प्रति लीटर कमी की जाएगी।
पंप डीलर्स का कहना है कि अगस्त से पेट्रोल की कीमत सात बार घटाए जाने और डीजल की कीमतों में तीन बार की गई कमी के बावजूद इनकी खुदरा कीमतें क्रूड की घटती दरों के मुताबिक नहीं है। क्रूड की कीमतें करीब 40 फीसदी घटी हैं लेकिन रिफाइनर्स ने बाजार से तय होने होने वाले एलपीजी के रेट में 17 पसेंüट, एटीएफ में 14 पसेंüट, पेट्रोल में 11 पसेंüट और डीजल में 8 पसेंüट की ही कमी की है।
source: http://goo.gl/OFWnJl






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