अमेरिका में नई प्रौद्योगिकी हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलोजीज पर सुपरट्यूब नाम से एक नई परिवहन प्रणाली विकसित करने पर शोध किया जा रहा है जो बुलेट ट्रेन से भी तेज गति से यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएगी। यानी सुपरट्यूब के आगे बुलेट ट्रेन की गति कछुआ चाल साबित हो जाएगी।
दावा है कि एक हजार किलोमीटर या उससे कम दूरी वाले शहरों के बीच तीव्र गति से परिवहन के लिए हाइपरलूप पूरी तरह व्यावहारिक समाधान हो सकता है। यह सुपरट्यूब यात्रियों को लॉस एंजेलस से सैन फ्रांसिस्को की यात्रा 760 मील प्रति घंटा की रफ्तार से तय करते हुए 35 मिनट में पूरी कर लेगा। अभी यह दूरी तय करने में ट्रेन से 12 घंटे और कार से छह घंटे से थोडा अधिक समय लगता है।
समाचार पत्र डेली मेल के अनुसार स्पेस एक्स के संस्थापक और टेस्ला मोटर्स के मुख्य कार्यकारी एलोन मस्क के इस ड्रीम प्रोजेक्ट हाइपरलूप को तैयार होने में कम से कम 10 वर्ष लग सकते हैं। मस्क की इस परियोजना सुपरट्यूब पर दुनिया भर के 100 से अधिक इंजीनियर काम कर रहे हैं। इस ट्यूब के अंदर हाइपरलूप को उच्च दाब और ताप सहने की क्षमता वाले मिश्रधातु इंकोनेल से बने बेहद पतले स्की पर स्थिर किया जाता है। इस स्की में बेहद सूक्ष्म छिद्रों के जरिए दबाव डालकर हवा भरी जाती है जिससे यह एक एयर कुशन की तरह काम करने लगता है। स्की में लगे चुंबक और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक झटके से हाइपरलूप के पॉड को गति दी जाती है। इस कैप्सूल में एक बार में छह से आठ व्यक्ति यात्रा कर सकते हैं और इसे प्रत्येक 30 सेकेंड के अंतराल पर चलाया जा सकता है। हाइपरलूप के मुख्य कार्यकारी डर्क आहलबोर्न ने कहा,कैप्सूल के आगे स्थित वायु ही इस कैप्सूल की एकमात्र अवरोधक है जिसे हम दबाव के जरिए पीछे हटाते रहेंगे।
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अमेरिका
में नई प्रौद्योगिकी हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलोजीज पर सुपरट्यूब
नाम से एक नई परिवहन प्रणाली विकसित करने पर शोध किया जा रहा है जो बुलेट
ट्रेन से भी तेज गति से यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएगी। यानी
सुपरट्यूब के आगे बुलेट ट्रेन की गति कछुआ चाल साबित हो जाएगी।
दावा है कि एक हजार किलोमीटर या उससे कम दूरी वाले शहरों के बीच तीव्र गति से परिवहन के लिए हाइपरलूप पूरी तरह व्यावहारिक समाधान हो सकता है। यह सुपरट्यूब यात्रियों को लॉस एंजेलस से सैन फ्रांसिस्को की यात्रा 760 मील प्रति घंटा की रफ्तार से तय करते हुए 35 मिनट में पूरी कर लेगा। अभी यह दूरी तय करने में ट्रेन से 12 घंटे और कार से छह घंटे से थोडा अधिक समय लगता है।
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दावा है कि एक हजार किलोमीटर या उससे कम दूरी वाले शहरों के बीच तीव्र गति से परिवहन के लिए हाइपरलूप पूरी तरह व्यावहारिक समाधान हो सकता है। यह सुपरट्यूब यात्रियों को लॉस एंजेलस से सैन फ्रांसिस्को की यात्रा 760 मील प्रति घंटा की रफ्तार से तय करते हुए 35 मिनट में पूरी कर लेगा। अभी यह दूरी तय करने में ट्रेन से 12 घंटे और कार से छह घंटे से थोडा अधिक समय लगता है।
समाचार पत्र डेली मेल के अनुसार स्पेस एक्स के संस्थापक और टेस्ला मोटर्स के मुख्य कार्यकारी एलोन मस्क के इस ड्रीम प्रोजेक्ट हाइपरलूप को तैयार होने में कम से कम 10 वर्ष लग सकते हैं। मस्क की इस परियोजना सुपरट्यूब पर दुनिया भर के 100 से अधिक इंजीनियर काम कर रहे हैं। इस ट्यूब के अंदर हाइपरलूप को उच्च दाब और ताप सहने की क्षमता वाले मिश्रधातु इंकोनेल से बने बेहद पतले स्की पर स्थिर किया जाता है। इस स्की में बेहद सूक्ष्म छिद्रों के जरिए दबाव डालकर हवा भरी जाती है जिससे यह एक एयर कुशन की तरह काम करने लगता है। स्की में लगे चुंबक और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक झटके से हाइपरलूप के पॉड को गति दी जाती है। इस कैप्सूल में एक बार में छह से आठ व्यक्ति यात्रा कर सकते हैं और इसे प्रत्येक 30 सेकेंड के अंतराल पर चलाया जा सकता है। हाइपरलूप के मुख्य कार्यकारी डर्क आहलबोर्न ने कहा,कैप्सूल के आगे स्थित वायु ही इस कैप्सूल की एकमात्र अवरोधक है जिसे हम दबाव के जरिए पीछे हटाते रहेंगे। - See more at: http://www.khaskhabar.com/picture-news/news-hyperloop-transportation-technologies-based-supertube-to-supersede-bullet-train-in-speedresearch-on-1-42833.html#sthash.DbtrMLiN.dpuf






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