भारत सहित पुरे विश्व में यूएफओ देखे जाने की घटनाएं अधिकतर सुनने में आती है। हाल ही में 3 अक्टूबर को जेट एयरवेज की एक पायलट ने शुक्रवार दोपहर आसमान में एक अन-आइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट (यूएफओ) देखने का दावा किया है। पायलट ने दावा किया है कि लगभग 26,300 फुट की ऊंचाई पर वह ऑब्जेक्ट चमक रहा था। उस समय प्लेन 26,000 फुट की ऊंचाई पर 310 डिग्री के ऎंगल से उ़ड रहा था।
पायलट ने ऑब्जेक्ट का रंग हरा और सफेद बताया है। हालांकि अधिकतर घटनाओं की तरह इस घटना की भी कोई फोटो या वीडियो उपलब्ध नहीं है पर भारत में अब तक तीन ऎसी घटनाएं हो चुकी है जब यूएफओ की तस्वीरें खींची गई है पर ये यूएफओ क्या थे इसके बारे में आगे कोई जानकारी नहीं मिल पाई। यहां हम आपको इन्ही तीन घटनाओं के बारे में बताएंगे।
क्या होता है यूएफओ
आकाश में उ़डती किसी अज्ञात वस्तु को यूएफओ (स्त्रह्र) कहा जाता है। इन अज्ञात उ़डती वस्तुओं का आकार किसी डिस्क या तश्तरी के समान होता है या ऎसा दिखाई देता है, जिस कारण इन्हें उ़डनतश्तरीयों का नाम मिला। कई चश्मदीद गवाहों के अनुसार इन अज्ञात उ़डती वस्तुओं के बाहरी आवरण पर तेज प्रकाश होता है और ये या तो अकेले घूमते हैं या एक प्रकार से लयबद्ध होकर और इनमें बहुत गतिशीलता होती है। ये उ़डन तश्तरीयां बहुत छोटे से लेकर बहुत विशाल आकार तक हो सकतीं हैं।
पहली घटना
लखनऊ के अमित त्रिपाठी ने इसी साल जुलाई में अपनी बालकनी से अपने सेलफोन में सूर्यास्त की तस्वीर लेते समय सूरज के नजदीक एक चमकीला ऑब्जेक्ट देखा था। उन्होंने अपने सेलफोन में उसके फोटो भी कैद किए थे। उनका दावा था कि वह ऑब्जेक्ट लगभग 40 मिनट तक चमकता रहा। लखनऊ के राजाजीपुरम ई-ब्लॉक के सेक्टर-11 निवासी अमित त्रिपाठी ने एक अजीब रोशनी वाली आकृति तब देखी, जब वे अपनी बालकनी में बैठकर मोबाइल से सनसेट की तस्वीर खींच रहे थे।
तभी उन्हें सूरज के बगल में एक रोशनी वाली आकृति दिखाई दी। अमित ने इस बारे में बताया, "शाम को बारिश हुई थी। 6:44 का टाइम था। सनसेट बढिया दिख रहा था। तभी एक गोल ऊपर आया और राइट-लेफ्ट होने लगा। मैंने सोचा कि वीडियो ऑन करूं, लेकिन हो नहीं पाया। मैंने चार-पांच फोटो खींची।"
दूसरी घटना
भारत-चीन सीमा पर लद्दाख सेक्टर में धमचौक के निकट लागनखेल इलाके में यूएफओ देखा गया। सेना मुख्यालय को स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी दी है। इसके बाद सेना के जवानों ने भी इसे देखा।
यूएफओ भारत-चीन की सीमा में करीब पांच घंटे तक पीली आभा के साथ उ़डता रहा उसके बाद गायब हो गया। पिछले साल आईटीबीपी की यूनिट ने थाकुंग के निकट पांगओन टीसो लेक के निकट यूएफओ देखा था। इस संबंध में साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट का कहना है कि यह यूएफओ नहीं बल्कि बृहस्पति और शुक्र गृह हैं।
source: http://goo.gl/RzarQZ
भारत
सहित पुरे विश्व में यूएफओ देखे जाने की घटनाएं अधिकतर सुनने में आती है।
हाल ही में 3 अक्टूबर को जेट एयरवेज की एक पायलट ने शुक्रवार दोपहर आसमान
में एक अन-आइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट (यूएफओ) देखने का दावा किया है।
पायलट ने दावा किया है कि लगभग 26,300 फुट की ऊंचाई पर वह ऑब्जेक्ट चमक रहा
था। उस समय प्लेन 26,000 फुट की ऊंचाई पर 310 डिग्री के ऎंगल से उ़ड रहा
था।
पायलट ने ऑब्जेक्ट का रंग हरा और सफेद बताया है। हालांकि अधिकतर घटनाओं की तरह इस घटना की भी कोई फोटो या वीडियो उपलब्ध नहीं है पर भारत में अब तक तीन ऎसी घटनाएं हो चुकी है जब यूएफओ की तस्वीरें खींची गई है पर ये यूएफओ क्या थे इसके बारे में आगे कोई जानकारी नहीं मिल पाई। यहां हम आपको इन्ही तीन घटनाओं के बारे में बताएंगे।
क्या होता है यूएफओ
आकाश में उ़डती किसी अज्ञात वस्तु को यूएफओ (स्त्रह्र) कहा जाता है। इन अज्ञात उ़डती वस्तुओं का आकार किसी डिस्क या तश्तरी के समान होता है या ऎसा दिखाई देता है, जिस कारण इन्हें उ़डनतश्तरीयों का नाम मिला। कई चश्मदीद गवाहों के अनुसार इन अज्ञात उ़डती वस्तुओं के बाहरी आवरण पर तेज प्रकाश होता है और ये या तो अकेले घूमते हैं या एक प्रकार से लयबद्ध होकर और इनमें बहुत गतिशीलता होती है। ये उ़डन तश्तरीयां बहुत छोटे से लेकर बहुत विशाल आकार तक हो सकतीं हैं। - See more at: http://www.khaskhabar.com/picture-news/ajabgajab-three-cases-of-ufo-sightings-in-india-and-photos-1-76948.html#sthash.yr4RO378.dpufभारत सहित पुरे विश्व में यूएफओ देखे जाने की घटनाएं अधिकतर सुनने में आती है। हाल ही में 3 अक्टूबर को जेट एयरवेज की एक पायलट ने शुक्रवार दोपहर आसमान में एक अन-आइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट (यूएफओ) देखने का दावा किया है। पायलट ने दावा किया है कि लगभग 26,300 फुट की ऊंचाई पर वह ऑब्जेक्ट चमक रहा था। उस समय प्लेन 26,000 फुट की ऊंचाई पर 310 डिग्री के ऎंगल से उ़ड रहा था।
पायलट ने ऑब्जेक्ट का रंग हरा और सफेद बताया है। हालांकि अधिकतर घटनाओं की तरह इस घटना की भी कोई फोटो या वीडियो उपलब्ध नहीं है पर भारत में अब तक तीन ऎसी घटनाएं हो चुकी है जब यूएफओ की तस्वीरें खींची गई है पर ये यूएफओ क्या थे इसके बारे में आगे कोई जानकारी नहीं मिल पाई। यहां हम आपको इन्ही तीन घटनाओं के बारे में बताएंगे।
क्या होता है यूएफओ
आकाश में उ़डती किसी अज्ञात वस्तु को यूएफओ (स्त्रह्र) कहा जाता है। इन अज्ञात उ़डती वस्तुओं का आकार किसी डिस्क या तश्तरी के समान होता है या ऎसा दिखाई देता है, जिस कारण इन्हें उ़डनतश्तरीयों का नाम मिला। कई चश्मदीद गवाहों के अनुसार इन अज्ञात उ़डती वस्तुओं के बाहरी आवरण पर तेज प्रकाश होता है और ये या तो अकेले घूमते हैं या एक प्रकार से लयबद्ध होकर और इनमें बहुत गतिशीलता होती है। ये उ़डन तश्तरीयां बहुत छोटे से लेकर बहुत विशाल आकार तक हो सकतीं हैं। - See more at: http://www.khaskhabar.com/picture-news/ajabgajab-three-cases-of-ufo-sightings-in-india-and-photos-1-76948.html#sthash.yr4RO378.dpufभारत सहित पुरे विश्व में यूएफओ देखे जाने की घटनाएं अधिकतर सुनने में आती है। हाल ही में 3 अक्टूबर को जेट एयरवेज की एक पायलट ने शुक्रवार दोपहर आसमान में एक अन-आइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट (यूएफओ) देखने का दावा किया है। पायलट ने दावा किया है कि लगभग 26,300 फुट की ऊंचाई पर वह ऑब्जेक्ट चमक रहा था। उस समय प्लेन 26,000 फुट की ऊंचाई पर 310 डिग्री के ऎंगल से उ़ड रहा था।
पायलट ने ऑब्जेक्ट का रंग हरा और सफेद बताया है। हालांकि अधिकतर घटनाओं की तरह इस घटना की भी कोई फोटो या वीडियो उपलब्ध नहीं है पर भारत में अब तक तीन ऎसी घटनाएं हो चुकी है जब यूएफओ की तस्वीरें खींची गई है पर ये यूएफओ क्या थे इसके बारे में आगे कोई जानकारी नहीं मिल पाई। यहां हम आपको इन्ही तीन घटनाओं के बारे में बताएंगे।
क्या होता है यूएफओ
आकाश में उ़डती किसी अज्ञात वस्तु को यूएफओ (स्त्रह्र) कहा जाता है। इन अज्ञात उ़डती वस्तुओं का आकार किसी डिस्क या तश्तरी के समान होता है या ऎसा दिखाई देता है, जिस कारण इन्हें उ़डनतश्तरीयों का नाम मिला। कई चश्मदीद गवाहों के अनुसार इन अज्ञात उ़डती वस्तुओं के बाहरी आवरण पर तेज प्रकाश होता है और ये या तो अकेले घूमते हैं या एक प्रकार से लयबद्ध होकर और इनमें बहुत गतिशीलता होती है। ये उ़डन तश्तरीयां बहुत छोटे से लेकर बहुत विशाल आकार तक हो सकतीं हैं।






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