दिल्ली प्रदेश भाजपा ने आम आदमी पार्टी (आप) पर दिल्ली की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि आप नैतिकता का पाठ तो पढ़ाती है, लेकिन खुद ही अनैतिक राजनीतिक आचरण रखती है।
आप व कांग्रेस पार्टी भाजपा पर सत्ता सुख लेने का आरोप लगाती है, लेकिन सच्चाई यह है कि दिल्ली सरकार के प्रशासन में आज भी आप व कांग्रेस की पूर्ण भागीदारी है। आज भी यही दोनों पार्टी बैक डोर से दिल्ली में शासन चला रही हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि दिल्ली के प्रशासन में सबसे अहम भूमिका जिला विकास कमेटी की होती है। इस कमेटी पर आप के विधायकों का ही राज है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 11 जिलों की विकास कमेटियों में से 9 के चेयरमैन अपने ही पार्टी के विधायकों को बनाया।
आप विधायक संजीव झा, मनोज कुमार, सुरेंद्र सिंह,
अखिलेशपति त्रिपाठी, राजेश गर्ग, धर्मेंद्र सिंह, दिनेश मोहनिया, मदन लाल
और जरनैल सिंह आज तक सरकारी कार्यालय, सरकारी कार, टेलीफोन और स्टाफ की
सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
बता दें कि जिला विकास कमेटी में जिला अधिकारी, सचिव आदि सभी चेयरमैन के मातहत होते हैं और जिले के सारे विकास कार्यों का फैसला यही कमेटी करती है। इसके बावजूद राजधानी का विकास ठप पड़ा हुआ है।
सतीश उपाध्याय ने बताया कि लोकहितकारी कार्यों से जुड़ी डीटीडीसी, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग, दिल्ली महिला आयोग, दिल्ली बाल आयोग, एससी/एसटी कमेटी, वक्फ बोर्ड व तीर्थ यात्रा विकास समिति से लेकर खोया मावा कमेटी तक में शीला दीक्षित सरकार द्वारा नियुक्त चेयरमैन और सदस्य हैं।
इनकी संख्या सौ से अधिक है। इसी तरह पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल, कृष्णा तीरथ के मंत्रालय से जुड़े बोर्डों में कांग्रेसी नेताओं की नियुक्ति की गई थी। ये सब भी उस शानो शौकत का लाभ आज भी ले रहे हैं।
बता दें कि जिला विकास कमेटी में जिला अधिकारी, सचिव आदि सभी चेयरमैन के मातहत होते हैं और जिले के सारे विकास कार्यों का फैसला यही कमेटी करती है। इसके बावजूद राजधानी का विकास ठप पड़ा हुआ है।
सतीश उपाध्याय ने बताया कि लोकहितकारी कार्यों से जुड़ी डीटीडीसी, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग, दिल्ली महिला आयोग, दिल्ली बाल आयोग, एससी/एसटी कमेटी, वक्फ बोर्ड व तीर्थ यात्रा विकास समिति से लेकर खोया मावा कमेटी तक में शीला दीक्षित सरकार द्वारा नियुक्त चेयरमैन और सदस्य हैं।
इनकी संख्या सौ से अधिक है। इसी तरह पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल, कृष्णा तीरथ के मंत्रालय से जुड़े बोर्डों में कांग्रेसी नेताओं की नियुक्ति की गई थी। ये सब भी उस शानो शौकत का लाभ आज भी ले रहे हैं।
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