हनुमानजी के नाम से भी आधार कार्ड जारी हो चुका है। कार्ड पर
उनकी तस्वीर छपी है। पिता के नाम के आगे ‘पवनजी ’ लिखा है। भगवान के नाम
कार्ड बना सो बना, अब ज्यादा परेशानी डाकिए की है। वह तीन दिन से सोच रहा
है कि इस कार्ड को कहां डिलीवर करूं। मामला राजस्थान के सीकर जिले का है।
दांतारामगढ़ कस्बे के पोस्ट ऑफिस में तीन दिन पहले यह आधार कार्ड पहुंचा।
उस पर पता ‘वार्ड नंबर-छह दांतारामगढ़, पंचायत समिति के पास, जिला सीकर’
लिखा है।
पता ठीक तरह से नहीं होने पर जब स्टाफ ने लिफाफा खोला तो सभी चौंक गए।
उस पर हनुमानजी का फोटो लगा था। कार्ड धारक पर ‘हनुमानजी, सन ऑफ पवनजी ’
लिखा था। डाकिए ने फिर भी सोचा कि शायद तस्वीर गलत छप हो गई। लिहाजा पता
तलाशा चलाया। वह तीन दिन से कस्बे के लोगों से पूछताछ कर रहा है, लेकिन उसे
हनुमानजी नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। लेकिन हनुमानजी को देश का विशिष्ट
पहचान-पत्र मिल जाने की चर्चा पूरे कस्बे में हो गई है।
मोबाइल नंबर भी अंकित
इस आधार कार्ड पर पंजीयन क्रमांक 1018/18252/01821 है। कार्ड का नंबर
है 209470519541। उस पर एक मोबाइल नंबर भी लिखा था। जब ‘भास्कर‘ ने उस पर
फोन किया तो वह नंबर विकास नाम के युवक का निकला। विकास ने बताया कि वह दो
साल पहले आधार कार्ड बनाने वाली कंपनी में सुपरवाइजर था। उसी समय उसने
कार्ड के लिए अप्लाई किया था। लेकिन कार्ड नहीं बन पाया। उसने 10 दिन पहले
भी दोस्तों के साथ फिर से अप्लाई किया था। लेकिन फिंगर प्रिंट की समस्या के
कारण कार्ड नहीं बना। विकास ने बताया कि वह नहीं जानता कि हनुमानजी के नाम
से जारी आधार कार्ड पर उसका फोन नंबर कैसे आया।
resource: http://goo.gl/1PiMyY






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