Friday, November 21, 2014

बेगम की याद में रिटायर्ड पोस्टमास्टर ने बनवाया "ताज महल"

बेगम की याद में रिटायर्ड पोस्टमास्टर ने बनवाया

ताजमहल आगरा में स्तिथ है, प्यार की अमर निशानी ताजमहल जिसका निर्माण शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताज महल के लिए 1631 में करवाया था। किसे पता थी की इसके ठीक 381 साल बाद 2012 में एक पति अपनी पत्नी की याद में एक और ताजमहल का निर्माण करवाएगा। हालांकि अबकी बार ताजमहल का निर्माण करवाने वाला कोई राजा महाराजा नहीं बल्कि एक रिटायर्ड पोस्टमास्टर है और जगह आगरा नहीं बल्कि बुलंदशहर है। बुलंदशहर के रिटायर्ड पोस्टमॉस्टर फैजुल हसन कादरी (78 वर्ष) ने अपनी स्वर्गीय पत्नी तज्जमुली बेगम की याद में एक मिनी ताजमहल बनवाया है। इस ताजमहल की आकृति हूबहू अगर के ताजमहल जैसी है लेकिन यह देखने में एकदम साधारण है क्योकि यह मात्र 15 लाख रूपए की लागत से तैयार हुआ है।

फैजलु हसन कादरी और तज्जमुली बेगम के कोई संतान नहीं थी। इसलिए तज्जमुली बेगम ने अपने पति से कहा की हमे कोई ऎसी इमारत बनवानी चाहिए जिससे की मरने के बाद भी लोग हमे याद करे। तब फैजुल ने अपनी बीबी से वादा किया कि वो हूबहू ताजमहल जैसी एक छोटी इमारत बनवायेगा। दिसंबर 2011 में बेगम तज्जमुली का निधन हो गया और फैजुल ने फरवरी 2012 में अपने वादे के अनुरूप अपनी घर की खाली जगह में, 50 * 50 के प्लाट पर मिनी ताज महल का काम शुरू करवा दिया। इसके लिए वो पहले कारीगरों को ताजमहल घुमा कर लाये ताकि वो डिजाइन को अच्छी तरह समझ सके।

फैजुल हसन कादरी के पास कुछ रूपए तो बचत और प्रोविडेंट फंड के थे लेकिन बाकी रकम का इंतजाम उन्होंने जमीन और अपनी मरहूम बीबी के गहने बेच कर किया। कुल मिलाकर 13 लाख रूपए इकnे हुए जिनसे की 18 महीनो में एक ढाचा खडा हो गया हालांकि फिर पैसे खत्म होने के कारण काम बंद करना पडा। लोगो ने उन्हें मदद की पेशकश की मगर उन्होंने यह कह कर ठुकरा दी की इसका सम्पूर्ण निर्माण में अपने पैसो से करवाऊंगा। अब जैसे जैसे उनके पास अपनी पेंशन के रूपए इकnे होते है वो इसका काम करवाते रहते है।

source: http://goo.gl/1MLMAb

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