देश के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक नालंदा विश्वविद्यालय को फिर से एक बार पढ़ाई-लिखाई के लिए खोल दिया गया है। जिसका नया कैंपस राजगढ़ में बनाया गया है। जो कि नालंदा के खंडहर के पास स्थित है। नालंदा विश्वविद्यालय में सोमवार से शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है। नालंदा की शुरूआत 15 विद्यार्थियों और 11 शिक्षकों के साथ हुई है।
नालंदा विश्वविद्यालय को फिर से खोलने की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने की थी। कलाम उस समय जिले में एक रेल कोच कारखाने का शिलान्यास करने पहुंचे थे।
कुलपति डॉ. गोपा सबरवाल ने कहा कम महत्त्वपूर्ण विषयों इकोलॉजी, पर्यावरण अध्ययन और इतिहास के अध्यन के साथ कक्ष्राएं शुरू कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कम विषयों के साथ इसकी शुरूआत इसलिए की जा रही है ताकि विद्यार्थी और अध्यापक ठीक से व्यवस्थित हो सकें। विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सितम्बर में विश्वविद्यालय के दौरे पर आएंगीं।
वीसी ने बताया की विभिन्न देशों से हजार से अधिक छात्रों ने सात स्कूलों में चलने वाले विभिन्न विषयों में आवेदन किये हैं। इसमें सिर्फ 15 विद्यार्थियों को ही चुना गया है जिसमें जापान और भूटान के एक-एक विद्यार्थियों को चुना गया है।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी रखा गया था। इस नए विश्वविद्यालय में न केवल प्राचीन विषयों की, बल्कि आधुनिक विषयों की भी पढ़ाई होगी।
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