Tuesday, August 26, 2014

BSF को मिली जवाबी कार्रवाई की छूट, पाक को जबर्दस्त नुकसान

बिना उकसावे के पाकिस्तान की ओर से फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सरकार ने सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों को खुली छूट दे दी है। इसका नतीजा यह हुआ है कि पिछले 10 दिनों में ही पाकिस्तान को इतना नुकसान पहुंचा है जितना कि पिछले साल पूरे अगस्त महीने के दौरान नहीं पहुंचा था।

भारत की ओर से 16 अगस्त से शुरू हुई जवाब कार्रवाई में पाकिस्तान में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें सेना के जवान, लश्कर के आतंकी और आम नागरिक शामिल हैं। पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर की जा रही फायरिंग में अब तो दो भारतीय नागरिकों की मौत हुई है।

पिछले साल यानी 2013 में पाकिस्तानी सेना की फायरिंग ने हमारे 12 जवानों की जान ली थी। इस साल इस तरह के हमले में अब तक केवल एक बीएसएफ जवान की मौत हुई है। पिछले महीने पाकिस्तानी की ओर से अचानक की गई फायरिंग में एक बीएसएफ जवान की मौत हुई थी।

बीएसएफ के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'मध्य अगस्त से हम संघर्षविराम के उल्लंघन पर आक्रामक जवाब देने लगे हैं। पाकिस्तानी रेंजरों के मुकाबले हमारी ताकत तीन गुना ज्यादा है, उसी अनुपात में हमारे पास हथियार भी ज्यादा हैं। यह वजह है कि उनकी सेना के साथ आने के बावजूद पाकिस्तानी रेंजरों को जबर्दस्त नुकसान पहुंचा है। पाकिस्तान जब तक फायरिंग नहीं रोकता है, हम इसी तीव्रता से जवाब देते रहेंगे।'


​बीएसएफ के सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार ने रेंजरों की मदद के लिए पाकिस्तान सेना की 12 मुजाहिदीन बटालियन को चारवा सेक्टर में तैनात किया है।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और बीएसएफ के डीजी डी के पाठक समेत शीर्ष अधिकारियों ने भारत-पाक सीमा पर तनाव बढ़ने को लेकर चर्चा की। सूत्रों ने कहा कि सरकार बीएसएफ की कार्रवाई का पूरी तरह से समर्थन कर रही है और सीमा बल से कहा गया है कि सीमावर्ती इलाकों में नागरिकों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।

बीएसएफ के डीजी पाठक ने कहा, 'पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम के उल्लंघन का हम माकूल जवाब दे रहे हैं। हालांकि, इसके साथ ही हमारी कोशिश होती है कि पड़ोसी देश में नागरिक इलाकों को नहीं निशाना बनाया जाए।'

बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया, 'सीमावर्ती इलाकों में खासतौर पर रात में ग्रामीणों को पाकिस्तानी बंदूकों की फायरिंग रेंज से दूर रखा जा रहा है। हम स्कूलों और अन्य सरकारी इमारतों में उनके सोने की व्यवस्था करते हैं। ज्यादातर फायरिंग रात में होती है, लिहाजा दिन को लोग अपने सामान्य कामकाज में लग जाते हैं।'
पिछले साल अगस्त नें पाकिस्तानी सैनिकों ने गश्ती कर रही भारतीय टुकड़ी पर हमला करके पांच सैनिकों को मार दिया था। इससे पहले जनवरी में पाकिस्तानी सैनिक एक भारतीय जवान का सिर काटकर अपने साथ ले गए थे, जिसको लेकर पूरे देश में जबर्दस्त प्रतिक्रिया हुई थी। दोनों देशों के बीच पूरे अगस्त के महीने में फायरिग चलती रही थी। सितंबर में बातचीत के बाद बंदूकें शांत हुई थीं। 
resource: http://goo.gl/jgH1lc

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